-NBCC, Apex Court Committee के सामने आवाज की बुलंद
-परियोजना में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग
द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा: सुपरटेक अपकंट्री, यमुना एक्सप्रेसवे के सैकड़ों होमबायर्स ने शनिवार को सुपरटेक अपकंट्री वेलफेयर एसोसिएशन (SUWA) के नेतृत्व में नोएडा सेक्टर-96 स्थित कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान होमबायर्स ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर NBCC, Apex Court Committee और संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान मांग की कि परियोजना में जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जाए और जहां पज़ेशन, हैंडओवर हो चुका है, वहां रजिस्ट्री की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि रुकी हुई रजिस्ट्रियां दोबारा खोली जाएं, पज़ेशन प्राप्त हो चुके घरों और यूनिट्स की रजिस्ट्री शुरू की जाए तथा परियोजना में मूलभूत सुविधाएं जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाएं। होमबायर्स ने यह भी मांग उठाई कि उनकी समस्याओं और चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए उनकी आवाज सुप्रीम कोर्ट तक प्रभावी रूप से पहुंचाई जाए।
वर्षों से कर रहे इंतजार
होम बायर्स के अधिकृत प्रतिनिधि एवं जनरल सेक्रेटरी गौरव त्यागी ने कहा कि हमारी सबसे प्रमुख मांग रुकी हुई रजिस्ट्री को दोबारा शुरू करना है। जिन होमबायर्स को पज़ेशन या हैंडओवर मिल चुका है, उन्हें अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए वर्षों तक इंतजार नहीं करना चाहिए। NBCC और संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए। SUWA के प्रेसिडेंट सुशील भाटी ने कहा कि NBCC को सुपरटेक के प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी मिले हुए लगभग दो वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अभी तक जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं हुआ है और न ही टेंडर प्रक्रिया को लेकर होमबायर्स के सामने कोई स्पष्ट स्थिति है। आखिर होमबायर्स कब तक इंतजार करते रहेंगे? हमारी मांग है कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि काम की शुरुआत दिखाई दे। मांग की कि सुपरटेक अपकंट्री में निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए, रुकी हुई रजिस्ट्री तत्काल दोबारा शुरू की जाए, जहां पज़ेशन/हैंडओवर हो चुका है, वहां रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू की जाए, परियोजना में मूलभूत सुविधाएं जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाएं। टेंडर एवं निर्माण कार्य की स्पष्ट स्थिति और समयसीमा होमबायर्स के साथ साझा की जाए और होमबायर्स की समस्याओं और मांगों को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रभावी रूप से रखा जाए।

