-प्रतियोगिता में 100 से अधिक टीमों ने लिया था हिस्सा
-विदेश की पांच टीमों ने भी की थी शिरकत

द न्यूज़ गली,ग्रेटर नोएडा: सीबीएसई राष्ट्रीय फुटबॉल चैंपियनशिप 2026-27 का उमा पब्लिक स्कूल, इकोटेक-11, ग्रेटर नोएडा में भव्य समापन हुआ। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न विद्यालयों की टीमों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा, टीम भावना और खेल के प्रति समर्पण का परिचय दिया। रोमांचक मुकाबलों के बाद तीनों आयु वर्गों के विजेता, उपविजेता और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टीमों के परिणाम घोषित किए गए। अंडर-14 में एमेनिटी, अंडर-17 में श्री गुरु हरिकृष्ण और अंडर-19 में हार्टफुलनेस इंटरनेशनल स्कूल ने जीत दर्ज की। मेजबान उमा पब्लिक स्कूल की टीम ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया।

व्यक्तिगत पुरस्कार की श्रेणी में
सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइकर का पुरस्कार योगेश, सर्वश्रेष्ठ डिफेंडर का पुरस्कार इकबाल, सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर का पुरस्कार मोहम्मद आसिफ – एमेनिटी पब्लिक स्कूल, रुद्रपुर को मिला।

स्कूल प्रबंधन की सराहना
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के द्वितीय कमान अधिकारी जेपी शर्मा उपस्थित थे।विशिष्ट अतिथियों के रूप में भारतीय जनता पार्टी, दिल्ली प्रदेश के महामंत्री विष्णु मित्तल, कर्नल सुमित बाना, धीरेंद्र भाटी,उमेश भाटी, अजय चौधरी तथा कौशल तोंगर ने उपस्थिति से समारोह की शोभा बढ़ाई। प्रतियोगिता के शानदार आयोजन पर मुख्य अतिथि ने उमा पब्लिक स्कूल के प्रबंधन का विशेष आभार जिताया।
संस्थान की सह-संस्थापिका संतरा देवी, चेयरमैन डॉ. विपिन भाटी, एमडी एडवोकेट सचिन चौधरी, निदेशिका प्रधानाचार्या सुनीता शर्मा, प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार वशिष्ठ तथा सूरजपुर शाखा की प्रधानाचार्या विनोद चौधरी भी उपस्थित रहीं। प्रतियोगिता के सफल संचालन में खेल तकनीकी निदेशक शिवालिक राज तथा फुटबॉल प्रशिक्षकों हिमांशु राज और अंकित भाटी का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजन ने देशभर के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, प्रतिस्पर्धात्मक अनुभव प्राप्त करने और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करने का सशक्त मंच प्रदान किया। सीबीएसई राष्ट्रीय फुटबॉल चैंपियनशिप का यह आयोजन खेल प्रतिभाओं के सम्मान, अनुशासन और उत्कृष्टता के संदेश के साथ संपन्न हुआ। प्रतियोगिता ने एक बार फिर सिद्ध किया कि खेल विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सहयोग, धैर्य और संघर्षशीलता विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं।