-15 साल से 4 प्रतिशत प्लाट से वंचित हैं किसान
-किसानों ने हर जगह लगाई गुहार पर नहीं बनी बात
द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा: 44 गांव के किसान पिछले लगभग 15 वर्ष से शेष 4 प्रतिशत प्लाट की मांग कर रहे हैं। मांग के समर्थन में किसानों ने जनप्रतिनिधियों के साथ ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अधिकारियों से भी गुहार लगाई, लेकिन सभी जगह से निराशा ही हाथ लगी। इस कारण किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नाराज किसानों ने 20 जुलाई को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय पर एक दिनसीय अनशन करने की चेतावनी दी है। किसानों का कहना है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो जनप्रतिनिधियों के घर के बाहर भी अनशन करेंगे।
मिला धोखा
किसानों का कहना है कि 2011 में गजराज एवं अदर्स का आदेश उच्च न्यायालय ने दिया था। कहा था कि किसानों को मूल मुआवजे का 64.7 प्रतिशत तथा 10 प्रतिशत विकसित भूखंड दिया जाए। जो लोग न्यायालय नहीं गए थे उन लोगों ने भी न्यायालय जाना शुरू कर दिया। तत्कालीन सीईओ व चेयरमैन रमारमन और किसान के बीच एक समझौता हुआ था। समझौतों में प्राधिकरण ने कहा कि हम सभी को 10 प्रतिशत देंगे भले ही वह कोर्ट न गए हो। कोर्ट से विकास बाधित होगा । ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 64-7 प्रतिशत तो सभी को दिया परंतु जो कोर्ट नहीं गए उन्हें केवल 6 प्रतिाश्त प्लाट दिया। शेष 4 प्रतिशत प्लॉट नही दिया। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किसानों के साथ धोखेबाजी की। शेष 4 प्रतिशत प्लाट को लेकर वंचित किसानों ने पिछले 1 साल से मुहिम शुरू की है।
