-गलगोटिया की टीम ने प्राप्त किया पहला स्थान
-प्रतियोगिता में विभिन्न कॉलेज व युनिवर्सिटी की टीम ने लिया था हिस्सा
द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा: गलगोटिया विश्वविद्यालय की दो छात्राओं ने कॉग्निज़ेंस 2026 के दौरान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की में आयोजित वर्डिक्ट नेशनल डिबेट प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि उच्च शिक्षा में विकसित हो रही व्यापक क्षमताओं को दर्शाती है। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (एआई एवं मशीन लर्निंग स्पेशलाइजेशन) के तृतीय वर्ष की छात्रा राहत शुजा और एमसीए (एआई एवं मशीन लर्निंग स्पेशलाइजेशन) की प्रथम वर्ष की छात्रा खुशी कुमारी ने देशभर के प्रमुख विश्वविद्यालयों और संस्थानों से आए प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए यह जीत हासिल की। राहत शुजा का कहना है कि आईआईटी रुड़की में कॉग्निज़ेंस जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में भाग लेना ही हमारे लिए एक बड़ा अवसर था। विभिन्न क्षेत्रों में भागीदारी की स्वतंत्रता और हमारे शिक्षकों का सहयोग इस अनुभव को और भी सार्थक बनाता है। यह जीत उस एक्सपोजर और सहयोग का परिणाम है, जो हमें देशभर के प्रतिभाशाली छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाता है।
गर्व का क्षण
खुशी कुमारी का कहना है कि आईआईटी रुड़की में गलगोटिया विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा। हमारा उद्देश्य उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना और अपने तर्क स्पष्टता, सटीकता और आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करना था। डिबेट में मानसिक मजबूती और तर्क दोनों की आवश्यकता होती है, और कॉग्निज़ेंस के दौरान हम पूरे समय केंद्रित और रणनीतिक बने रहे। गलगोटिया विश्वविद्यालय के लिए यह खिताब जीतना हमारे लिए गर्व का क्षण है। आज के दौर में तकनीक के कारण उद्योगों में तेजी से बदलाव हो रहा है और कई प्रक्रियाएं स्वचालित हो रही हैं । ऐसे में संस्थाएं उन छात्रों को अधिक महत्व दे रही हैं जो जटिल परिस्थितियों को समझ सकें, सही निर्णय ले सकें, टीम के साथ काम कर सकें, स्पष्ट संवाद कर सकें और समस्याओं के व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत कर सकें । इसी कारण विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। एकेडिमिक ज्ञान के साथ-साथ क्रिटिकल थिंकिंग, कम्युनिकेशन स्किल, नैतिक दृष्टिकोण और नई परिस्थितियों में संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी हो गया है। गलगोटिया विश्वविद्यालय में छात्रों के विकास को इसी व्यापक दृष्टिकोण से देखा जाता है।

