-16 मई तक आयोजित होगा भारत शिक्षा एक्‍सपो
-भविष्य उन्मुख शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास का दिखा संगम

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: भारत शिक्षा एक्सपो-2026 के तृतीय संस्करण का आयोजन इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में हुआ। आयोजन ने देशभर के शिक्षण संस्थानों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों, एडटेक नवाचारकर्ताओं, काउंसलरों, विद्यार्थियों और शिक्षा जगत से जुड़े हितधारकों को भारत की शिक्षा के भविष्य पर केंद्रित एक साझा मंच पर एकत्र किया। आयोजन इंडिया एक्सपो मार्ट द्वारा किया जा रहा है तथा इसे ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण का सहयोग प्राप्त है। इसका उद्देश्य नवाचार, सहयोग, कौशल विकास और सार्थक शैक्षणिक संवाद के माध्यम से भारत की विकसित होती शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाना है। उद्घाटन कार्यक्रम में डॉ. भीमराव अंबेडकर स्पोर्ट्स फाउंडेशन के एडवाइजरी बोर्ड सदस्य अनिल प्रथम, फेडरेशन ऑफ एजुकेशन इन इंडिया (FOEII) चेयरमैन डॉ जहीर खान, सलाहकार, नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) डॉ संदीप सिंह कोरा तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी, इंडिया एक्सपोज़िशन मार्ट लिमिटेड (IEML) सुदीप सरकार शामिल थे। एक्सपो में भारत और विदेशों के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, एडटेक कंपनियों, स्टडी-अब्रॉड कंसल्टेंट्स, स्किल डेवलपमेंट संगठनों, करियर काउंसलिंग प्रदाताओं और शिक्षा समाधान कंपनियों की भागीदारी है।

विद्यार्थियों को मिलेगा मार्गदर्शन
इस अवसर पर अनिल प्रथम ने आज के युवाओं के लिए करियर काउंसलिंग, कौशल-आधारित शिक्षा और विशिष्ट शिक्षण मार्गों के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारत शिक्षा एक्सपो-2026 की सराहना करते हुए कहा कि यह मंच विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन और परामर्श प्रदान कर उन्हें करियर निर्णय लेने में सहायता करता है। उन्होंने फॉरेंसिक साइंस, साइबर क्राइम, क्रिमिनोलॉजी और लेबोरेटरी साइंसेज़ जैसे उभरते क्षेत्रों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। डॉ. ज़हीर खान ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने के लिए कौशल-आधारित पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की परिकल्पना का उल्लेख करते हुए समावेशी और समान शिक्षा, अनुप्रयुक्त शिक्षण, सॉफ्ट स्किल्स तथा शिक्षा, अनुसंधान और व्यवहारिक उपयोग के बीच मजबूत समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. संदीप सिंह कौरा ने कहा कि भारत के भविष्य को आकार देने में कौशल-आधारित शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। डॉ राकेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि भारत शिक्षा एक्सपो-2026 की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सशक्त साझेदारी है। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि competence, confedance और character का निर्माण करना है। सुदीप सरकार ने कहा कि भारत शिक्षा एक्सपो-2026 एक व्यापक मंच के रूप में उभरा है, जहाँ शिक्षा, तकनीक, नवाचार और करियर विकास एक ही छत के नीचे एक साथ आते हैं। उन्होंने बताया कि यह आयोजन केवल संस्थानों और अवसरों को प्रदर्शित नहीं करता, बल्कि हेकथान, वर्कशॉप्स, काउंसलिंग सेशंस, क्वीज और मास्टर क्लासेस के माध्यम से विद्यार्थियों को अनुभवात्मक शिक्षण का अवसर भी प्रदान करता है।