द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा : यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में प्रस्तावित कोरियन सिटी के विकास की दिशा में कदम तेज हो गए हैं। बृहस्पतिवार को दक्षिण कोरिया के व्यापार, उद्योग एवं संसाधन मंत्रालय, दूतावास और कोरिया व्यापार-निवेश प्रोत्साहन एजेंसी (कोट्रा) के प्रतिनिधिमंडल ने सेक्टर-4ए में प्रस्तावित कोरियन सिटी की योजना का मॉडल देखा। प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना स्थल का निरीक्षण कर विकसित किए जा रहे बुनियादी ढांचे की जानकारी भी ली।
निवेश की संभावना तलाशी
यीडा कार्यालय पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में व्यापार, उद्योग एवं संसाधन मंत्रालय के निदेशक किम जिनसू, उप निदेशक कांग होंग कू, दूतावास के कंसल्टेंट सुंगजूंग चो, कोट्रा दक्षिण एशिया कार्यालय के प्रबंध निदेशक डोंगह्योन किम और भारत-कोरिया व्यापार सहयोग डेस्क के कार्यकारी निदेशक जेवुक जेक ली शामिल रहे। प्रतिनिधियों ने यमुना सिटी में निवेश की संभावनाओं और औद्योगिक विकास की योजनाओं पर अधिकारियों के साथ चर्चा की।
यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन के बाद क्षेत्र निवेश का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि एस्कॉर्ट्स कुबोटा और एचसीएल-फॉक्सकॉन जैसी कंपनियों की मौजूदगी से औद्योगिक गतिविधियों को गति मिली है। आने वाले समय में यह क्षेत्र सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल उपकरण, ऑटोमोबाइल पार्ट्स सहित कई उभरते उद्योगों का बड़ा हब बनने की क्षमता रखता है।
उन्होंने बताया कि कोरियन सिटी को मिश्रित भू-उपयोग मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जिससे निवेशकों को उद्योग, आवास, वाणिज्यिक और संस्थागत सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकें। प्रस्तावित योजना के तहत 70 प्रतिशत भूमि औद्योगिक, 12 प्रतिशत आवासीय, 13 प्रतिशत वाणिज्यिक और पांच प्रतिशत संस्थागत उपयोग के लिए निर्धारित की गई है।
