-राजकुमार भाटी के विवादित बयान के बाद होनी थी पंचायत
-लोगों ने कहा वैमनस्य फैलाने वाली भाषा स्‍वीकार नहीं

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: ब्रह्मपुरी स्थित भगवान परशुराम धर्मशाला में प्रस्तावित सर्वजातीय महापंचायत को लेकर पूरे दिन तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। महापंचायत से पूर्व पुलिस प्रशासन द्वारा समाज के कई प्रमुख लोगों को उनके घरों पर ही नजरबंद दिया। समाजसेवी एवं वरिष्ठ ब्राह्मण नेता पंडित पीताम्बर शर्मा को उनके चिटहेरा स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट किया। वहीं समाजसेवी अधिवक्ता कपिल शर्मा को उनके ग्राम बील अकबरपुर स्थित आवास पर नजरबंद किया गया। इसी प्रकार मास्टर परमानंद शर्मा को उनके दादरी स्थित आवास पर पुलिस द्वारा रोक दिया गया। नगर पालिका परिषद चेयरमैन गीता पंडित को भी नजरबंद करने के लिए पुलिस उनके आवास पहुंची, लेकिन तब तक वह किसी कार्यक्रम के लिए घर से निकल चुकी थीं। महापंचायत को स्थगित कर समाज के प्रमुख लोग चिटहेरा गांव स्थित वरिष्ठ ब्राह्मण नेता पंडित पीताम्बर शर्मा के आवास पर पहुंचे। सभी ने IPS दीक्षा भूरिया को मांगों का ज्ञापन सौंपा।

कार्रवाई की मांग
पंडित पीताम्बर शर्मा ने कहा कि समाज की आवाज को दबाने का प्रयास किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि समाज के लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपनी पीड़ा और भावनाएं रखना चाहते हैं तो उन्हें रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज हमेशा मर्यादा और राष्ट्रहित की बात करता आया है, लेकिन समाज की भावनाओं की लगातार अनदेखी दुर्भाग्यपूर्ण है। नगर पालिका परिषद चेयरमैन गीता पंडित ने कहा कि किसी भी समाज की माताओं, बहनों और बेटियों को लेकर अमर्यादित टिप्पणियां करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में वैमनस्य फैलाने वाली भाषा अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण महापंचायत को रोकना और समाज के लोगों को घरों में नजरबंद करना दुर्भाग्यपूर्ण है। कपिल शर्मा एडवोकेट ने कहा कि समाज के लोग संयम बनाए रखें और मर्यादा का पालन करें। किसी भी स्थिति में समाज में वैमनस्य फैलने न दें तथा कोई भी व्यक्ति कानून अपने हाथ में न ले। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना हर समाज का अधिकार है। इस अवसर पर डॉ वंदना वशिष्ठ, रामकुमार शर्मा, जय शिव शर्मा, सुधीर वत्स, सोनू भगत, शिव कुमार कौशिक, संजय शर्मा, रामवीर शर्मा, हरिओम दरोगा, सुभाष गौतम, लक्ष्मण शर्मा, अभिषेक मैत्रेय, टीकाराम शर्मा, सतीश शर्मा, मांगेराम शर्मा, विजय शर्मा, हरेन्द्र कांत शर्मा, गौरव वशिष्ठ आदि लोग मौजूद थे।