-फेडरेशन के नेतृत्‍व में आयोजित की गई बैठक
-विभिन्‍न सेक्‍टरों के आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि हुए शामिल

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: फेडरेशन के नेतृत्‍व में आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में एनपीसीएल के अधिकारी भी शामिल हुए। एनपीसीएल के साथ बिजली से संबंधित विभिन्‍न मामलों पर चर्चा हुई। आरडब्‍ल्‍यूए के प्रतिनिधियों ने एनपीसीएल के अधिकारियों को सेक्‍टरों में बिजली संबंधी विभिन्‍न समस्‍याओं से अवगत कराया। बताया कि कई बार की गई शिकायतों के बाद भी समस्‍याओं का समाधान नहीं हो रहा है। एनपीसीएल के अधिकारियों ने सभी समस्‍याओं के जल्‍द निस्‍तारण का आश्‍वासन दिया। बैठक में फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए के पूर्व महासचिव दीपक भाटी, डॉक्टर विकास जतन प्रधान, सेक्टर पी-3 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष अमित भाटी, डेल्टा-1 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष प्रमोद भाटी, डेल्टा-2 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष बॉबी भाटी, फेडरेशन के उपाध्यक्ष आलोक नागर, ब्रजेश भाटी, बीटा-1 के महासचिव हरेंद्र भाटी, सेक्टर-36 के अध्यक्ष डॉ. अजय भाटी, सचिव मधुर गोयल, संयुक्त सचिव परितोष, अश्विनी यादव, सुशील पाल , श्यामवीर भाटी, प्रमोद भाटी, प्रेम सिंह अवाना, प्रवीण यादव गजेंद्र सिंह, आलोक, बृजेश, कश्मीरा प्रधान सहित अन्‍य लोग शामिल हुए।

गिनाई यह समस्‍याएं
आरडब्‍ल्‍यूए प्रतिनिधियों ने एनपीसीएल के अधिकारियों को बताय कि विभिन्न स्थानों पर फीडर बॉक्स खुले हुए हैं। एनपीसीएल के फीडर बॉक्स पर अवैध रूप से विज्ञापन एवं पोस्टर लगाए जा रहे हैं। जिससे शहर की सुंदरता एवं स्वच्छता प्रभावित हो रही है। कई सेक्टरों में 33000 केवी की ओपन विद्युत लाइन, जिसे अंडरग्राउंड किए जाने के बावजूद पुरानी ओपन लाइन को अभी तक हटाया नहीं गया हैं। विभिन्न स्थानों पर बने विद्युत उपकेंद्र/ बिजलीघरों की नियमित एवं समयबद्ध सफाई नहीं होना। आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि खुले एवं क्षतिग्रस्त फीडर बॉक्स तथा खुले विद्युत केबल आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर विषय हैं। इसलिए इनका शीघ्र निस्तारण किया जाना आवश्यक है। एनपीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों ने आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही एक विशेष ड्राइव चलाकर शहर के क्षतिग्रस्त फीडर बॉक्स को बदला जाएगा तथा सभी फीडर बॉक्स पर उचित लॉक लगाए जाएंगे। साथ ही खुले केबल, अनावश्यक रूप से लगाए गए विज्ञापनों तथा अन्य विद्युत संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया।