द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा : बिसरख कोतवाली पुलिस ने मोबाइल फोन और चेन स्नैचिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से छीने गए पांच मोबाइल फोन, इनमें आईफोन-18 प्रो समेत चार आईफोन, 2500 रुपये नकद, दो अवैध तमंचे, दो कारतूस और वारदात में इस्तेमाल अपाचे बाइक बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी सुनसान रास्तों पर घूमने वाले लोगों और ई-रिक्शा सवारों को निशाना बनाते थे। पुलिस ने शुक्रवार को लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से सलमान उर्फ सुहैल निवासी बुलंदशहर, अजाज उर्फ अज्जू उर्फ सोनू निवासी बुलंदशहर और नईम निवासी गाजियाबाद को 6 प्रतिशत एरिया पार्क के पास से गिरफ्तार किया।
महिला से आईफोन-18 प्रो छीनने का तरीका भी बताया
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 21 सितंबर को चेरी काउंटी सोसाइटी के पास एक महिला से आईफोन-18 प्रो मोबाइल फोन देखने के बहाने लिया और लेकर फरार हो गए थे। पुलिस के अनुसार इस मामले समेत बिसरख क्षेत्र में मोबाइल छीनने की कई घटनाओं के संबंध में तीन मुकदमे दर्ज हैं।
नईम को बेचते थे छीने गए मोबाइल
पुलिस के अनुसार सलमान बाइक चलाता था, जबकि अजाज पीछे बैठता था। दोनों सुनसान रास्तों पर घूमते हुए या ई-रिक्शा में बैठे लोगों को मोबाइल देखने के बहाने अपना शिकार बनाते थे। मौका मिलते ही मोबाइल छीनकर फरार हो जाते थे। सलमान पिछले करीब तीन साल से नोएडा में ऑटो चलाता था, इसलिए उसे क्षेत्र के रास्तों की जानकारी थी। छीने गए मोबाइल नईम को बेच दिए जाते थे। नईम इन मोबाइल को पश्चिम बंगाल और बिहार समेत दूसरे राज्यों में सप्लाई करता था।
नईम पर दो दर्जन से ज्यादा मुकदमे
पुलिस के मुताबिक नईम के खिलाफ गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद के विभिन्न थानों में दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ चोरी, लूट, छिनैती, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट के मामले भी दर्ज रहे हैं। वहीं सलमान के खिलाफ छह और अजाज के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
यह हुई बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के पास से आईफोन-18 प्रो सिल्वर, आईफोन-16 नीला, आईफोन-16 प्रो नीला, आईफोन-16 सफेद और रीयलमी मोबाइल फोन बरामद किया है। इसके अलावा 2500 रुपये, तीन सिल्वर पेपर फॉयल, बिना नंबर प्लेट की अपाचे बाइक और दो .315 बोर के तमंचे व दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तथा मोबाइल की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
