-मौके पर पहुंचकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम ने किया सर्वे
-नया मार्ग बनने से तिलपता के जाम से बचेंगे हजारों लोग
द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा: तिलपता में लगने वाले जाम से निजात के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 60 मीटर तिलपता बाईपास परियोजना को मूर्त रूप देने की योजना बनाई थी। लेकिन उस मार्ग पर आने वाले गांव खोदना खुर्द, तिलपता, खोदना कलां की घनी आबादी व बस गई अवैध कॉलोनी के कारण जमीन अधिग्रहण में परेशानी आ रही थी। तिलपता के ग्रामीणों ने प्राधिकरण की एसीईओ श्रीवीएस लक्ष्मी से मुलाकात कर उन्हें मिनी बाइपास के लिए एक नया मार्ग सुझाया था। उस मार्ग की जांच के लिए एसीईओ ने टीम का गठन किया था। शनिवार को मौके पर पहुंचकर टीम ने सर्वे किया। टीम जल्द ही अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को देगी।

नहीं करना पड़ेगा जमीन का अधिग्रहण
ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया था कि प्रस्तावित बाईपास परियोजना से 500 मीटर दूर सिंचाई विभाग की जमीन में आपसी सहमति से उपलब्ध 35 फीट जमीन में भी मिनी बाईपास बनाया जा सकता है। बाईपास निर्माण सहायता समिति के सदस्यों ने प्राधिकरण की टीम को विस्तृत जानकारी दी। बताया कि इस जमीन के साथ ही प्राधिकरण की भी काफी जमीन मौजूद है। सिंचाई विभाग के मार्ग के साथ-साथ गांव खोदना खुर्द में 130 मीटर रोड से स्पर्श ग्लोबल स्कूल के पास से बरसाती लोहिया नाला बहता है। जो खोदना कला गांव से होते हुए तिलपता- पाली गांव के नाले में मिलता है। इन दोनों नालों की जमीन के साढे चार किलोमीटर हिस्से में मिनी बायपास बनाया जा सकता है। इसमें आसानी यह है इस परियोजना के लिए प्राधिकरण को जमीन अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं है। केवल दो पुल बनाने पड़ेंगे। तिलपता गांव की ओर से आरटीआई एक्टिविस्ट आर्य सागर खारी, किसान नेता विपिन खारी, समाजसेवी महावीर आर्य सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
