-जय हो एक सामाजिक संस्था ने की जांच की मांग
-संगठन के कार्यकर्ताओं ने डीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा: दादरी के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगभग 100 करोड़ रुपए से पानी की 6 टंकी बनाने की योजना थी। 12साल बाद भी योजना अधूरी पड़ी हुई है। जय हो एक सामाजिक संस्था ने मामले की जांच कराने की मांग की है। मांग के समर्थन में संगठन के सदस्यों ने डीएम के नाम ज्ञापन मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अनुराग चंद्र सारस्वत को सौंपा। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि लगभग 12 वर्ष बीत जाने और करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च होने के बावजूद नगरवासियों को आज तक इस परियोजना से एक बूंद भी पानी उपलब्ध नहीं हो सका है। प्रदर्शन का नेतृत्व संस्था के संस्थापक संयोजक एडवोकेट कपिल शर्मा ने किया।

नहीं मिला सुविधा का लाभ
कपिल शर्मा का कहना है कि दादरी नगर के एक लाख से अधिक लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई यह महत्वाकांक्षी परियोजना आज भ्रष्टाचार, लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि समयबद्ध तरीके से कार्य किया गया होता तो नगरवासियों को वर्षों पहले इस सुविधा का लाभ मिल चुका होता। उन्होंने मांग की कि वर्ष 2014 से अब तक हुए समस्त व्यय, लागत वृद्धि तथा कार्य प्रगति की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों की जवाबदेही तय की जाए। संस्था के अध्यक्ष संदीप भाटी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। ऐसे में दादरी की यह बहुचर्चित परियोजना वर्षों तक अधूरी रहना कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। दिनेश भाटी एडवोकेट ने कहा कि दादरी की जनता वर्षों से पेयजल संकट झेल रही है, जबकि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी परियोजना अधूरी पड़ी है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो जनता का विश्वास सरकारी योजनाओं से उठ जाएगा। ज्ञापन देने वालों में प्रमोद शर्मा, परमानंद कौशिक, संजय शर्मा, सुमंत दीक्षित, गुलशन शर्मा, सुरजीत विकल, पुष्प शर्मा, हरीश बैसोया, सचिन शर्मा सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
