-गवर्नर यामानाशी ने गलगोटिया की शिक्षा व्‍यवस्‍था को सराहा
-पारंपरिक रीति से हुआ जापान के डेलीगेशन का स्‍वागत

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: जापान के यामानाशी प्रांत से आए 200 मेंबर्स का हाई-लेवल डेलिगेशन गलगोटियास यूनिवर्सिटी पहुंचा। जिसका नेतृत्व यामानाशी प्रान्त के गवर्नर कोतारो नागासाकी ने किया। उनके साथ प्रीफेक्चुरल गवर्नमेंट और बिज़नेस कम्युनिटी के सीनियर सदस्य मौजूद भी मौजूद थे। यह विज़िट भारत और जापान के बीच एकेडमिक, रिसर्च और वर्कफोर्स सहयोग को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम रही। डेलिगेशन का यूनिवर्सिटी के AI ब्लॉक में जापान के यामानाशी प्रान्त के गवर्नर कोतारो नागासाकी, यामानाशी प्रान्त के उप-गवर्नर जुनिची इशिदेरा, यामानाशी सरकार के एडवाइज़र नीरेंद्र उपाध्याय, उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह, विधायक धीरेंद्र सिंह, यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) के CEO राकेश कुमार सिंह, IAS शामिल रहे। उनके साथ मंच पर गलगोटियास यूनिवर्सिटी के CEO डॉ. ध्रुव गलगोटिया तथा कुलाधिपति सुनील गलगोटिया भी मौजूद रहे।

एतिहासिक समझौता
यामानाशी प्रीफेक्चुरल गवर्नमेंट के साथ MoU और यामानाशी यूनिवर्सिटी के साथ LoI मिलकर टैलेंट मोबिलिटी और क्लीन-एनर्जी रिसर्च तक फैले एक लॉन्ग-टर्म सहयोग की नींव रखते हैं। जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइज़ेशन (JETRO) की प्रेज़ेंटेशन में दोनों क्षेत्रों के बीच इंडस्ट्री और टैलेंट पार्टनरशिप को और मज़बूत करने के अवसरों को रेखांकित किया गया। औपचारिक कार्यक्रम के बाद विज़िट का एक बड़ा हाइलाइट कैंपस में समानांतर रूप से आयोजित फोकस्ड ग्रुप डिस्कशन की श्रृंखला रही। डेलिगेट्स के एक विशेष ग्रुप ने गलगोटियास यूनिवर्सिटी की फैकल्टी के साथ ग्रीन हाइड्रोजन पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें क्लीन एनर्जी और लो-कार्बन मोबिलिटी के क्षेत्र में जॉइंट रिसर्च, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट तथा स्टूडेंट और रिसर्चर एक्सचेंज की संभावनाओं पर बात हुई, जो भारत और यामानाशी प्रान्त दोनों की साझा प्राथमिकता है।एक अन्य ग्रुप ने यूनिवर्सिटी के डिजिटल नर्सिंग स्किल्स एंड सिमुलेशन सेंटर का दौरा कर नर्सिंग और हेल्थ साइंसेज़ पर एक सेशन में हिस्सा लिया, जो हेल्थकेयर एजुकेशन और वर्कफोर्स डेवलपमेंट में सहयोग की बढ़ती संभावनाओं को दर्शाता है। इसके साथ ही, डेलिगेशन के सदस्यों ने गलगोटियास यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स के साथ आत्मीय स्टूडेंट-टू-स्टूडेंट इंटरैक्शन किया और कैंपस लाइफ, कल्चर तथा करियर आकांक्षाओं पर विचार साझा किए। डेलिगेशन ने यूनिवर्सिटी के सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस और एडवांस्ड लैब्स का भी दौरा किया, जिनमें iOS डेवलपमेंट सेंटर, L&T सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर से जुड़ी फैसिलिटीज़ शामिल हैं, और यूनिवर्सिटी के इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड टीचिंग व रिसर्च अप्रोच को नज़दीक से देखा।इस अवसर पर गलगोटियास यूनिवर्सिटी के CEO डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा कि गलगोटियास यूनिवर्सिटी और यामानाशी प्रान्त के बीच एक लॉन्ग-टर्म पार्टनरशिप की शुरुआत हुई है। इन समझौतों के ज़रिए हम अपने स्टूडेंट्स के लिए ग्लोबल करियर के वास्तविक रास्ते बना रहे हैं और अपने रिसर्चर्स को हमारे समय की क्लीन-एनर्जी चुनौतियों पर जापान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने का मौका दे रहे हैं। गलगोटियास यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति सुनील गलगोटिया ने कहा कि भारत और जापान की मित्रता ज्ञान, अनुशासन और पारस्परिक सम्मान के साझा मूल्यों पर आधारित है। यह पार्टनरशिप भारत-जापान संबंधों को निरंतर मज़बूत करने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि तथा उत्तर प्रदेश के विकास और कायाकल्प में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व से प्रेरित है। दोनों पक्षों ने आने वाले महीनों में समझौतों को स्टूडेंट एक्सचेंज, फैकल्टी कोलैबोरेशन, स्किलिंग और जॉइंट रिसर्च के ठोस प्रोग्राम्स में बदलने की प्रतिबद्धता जताई।