-जीएनआईओटी के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्य को सराहा
-चिराग पासवान ने कहा अपने पसंद के क्षेत्र में युवा बढ़ाए कदम

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: नॉलेज पार्क स्थित जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ (जीआईएमएस) द्वारा पीजीडीएम सत्र 2026–28 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए मेराकी–2026 ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन इंडिया एक्सपो सेंटर
में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्‍या में विद्यार्थियों ने अपने अभिभावकों के साथ हिस्‍सा लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने की। इस अवसर पर वाइस चेयरमैन शगौरव गुप्ता, मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वदेश कुमार सिंह, प्रबंधन सदस्य वंश गुप्ता, जीआईएमएस के निदेशक डॉ. भूपेन्द्र कुमार सोम सहित अन्‍य लोग मौजूद थे। भव्य कार्यक्रम में 23 राज्यों से आए 450 से अधिक नवप्रवेशित विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों, 40 से अधिक राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने सहभागिता की।


भारत की ताकत हैं युवा
इस अवसर पर चिराग पासवान ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और देश का भविष्य आज के विद्यार्थियों के हाथों में सुरक्षित है। विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब युवा शिक्षा, कौशल, अनुशासन, नवाचार एवं नेतृत्व क्षमता को अपने जीवन का आधार बनाएंगे। उन्होंने कहा कि आज का दौर केवल डिग्री प्राप्त करने का नहीं, बल्कि स्वयं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करने का है। विद्यार्थियों को अपनी क्षमता पहचाननी होगी, चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका सामना करना होगा तथा निरंतर सीखने की आदत विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि कठिन परिश्रम, ईमानदारी, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल नौकरी पाने की सोच तक सीमित न रहें, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले, नवाचार करने वाले और समाज को नई दिशा देने वाले नेतृत्वकर्ता बनने का लक्ष्य निर्धारित करें। एक सवाल के जवाब में चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी उत्‍तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

समग्र विकास प्राथमिकता
जीएनआईओटी के चेयरमैन डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि जीएनआईओटी समूह पिछले 25 वर्षों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने का कार्य कर रहा है। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार, नैतिक और सक्षम नेतृत्वकर्ताओं का निर्माण करना है जो समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वदेश कुमार सिंह ने कहा कि जीआईएमएस विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, संचार कौशल, उद्योग अनुभव एवं उत्कृष्ट प्लेसमेंट सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान प्रत्येक विद्यार्थी को वैश्विक स्तर का प्रबंधन पेशेवर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, वर्तमान समय में उद्योग और शिक्षा के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। निदेशक डॉ. भूपेन्द्र कुमार सोम ने संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, उद्योग-अकादमिक सहयोग, वैश्विक प्रमाणन, अनुसंधान, प्रशिक्षण, इंटर्नशिप एवं उत्कृष्ट प्लेसमेंट उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के साथ साझा की। विद्यार्थियों से कहा कि बदलते समय के साथ नई तकनीकों को अपनाना और नवाचार की सोच विकसित करना समय की आवश्यकता है।