द न्यूज गली, नोएडा : पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर द्वारा संचालित ‘ऑपरेशन इन्विक्टस (ऑपरेशन अपराजेय)’ के तहत शुक्रवार को सेक्टर-108 स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय में अंतरविभागीय गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने की। इसमें ऑटिज्म और बौद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के अधिकार, सुरक्षा, पुनर्वास और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर चर्चा की गई।

9 जून से चल रहा है अभियान
पुलिस आयुक्त ने बताया कि 9 जून 2026 से संचालित ऑपरेशन इन्विक्टस का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों और उनके परिवारों को सरकारी योजनाओं, आवश्यक सेवाओं और विधिक अधिकारों से जोड़ते हुए उन्हें सुरक्षित एवं समावेशी वातावरण उपलब्ध कराना है।

बैठक में अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था), पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा), जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, एनआईईपीआईडी तथा विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर दिव्यांग बच्चों के कल्याण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी।

यूडीआईडी कार्ड की बढ़ेगी उपलब्धता
गोष्ठी में दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड की उपलब्धता बढ़ाने, पात्र लाभार्थियों को दिव्यांग पेंशन, आयुष्मान भारत और अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ने, अर्ली डायग्नोसिस कार्यक्रम और डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (डीईआईसी) की सेवाओं का विस्तार करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा एवं प्रमाणन शिविर आयोजित करने पर विशेष जोर दिया गया।

स्कूलों में होगा बच्चों का दाखिला
इसके अलावा विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों के नामांकन, अभिभावकों की समस्याओं के समाधान, केयरगिवर वेरिफिकेशन, बीट आउटरीच कार्यक्रम और नेबरहुड सिक्योरिटी स्कीम के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा आरडब्ल्यूए, विद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी चर्चा हुई।

पुलिस आयुक्त ने सभी संबंधित विभागों से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन इन्विक्टस केवल एक अभियान नहीं, बल्कि दिव्यांग बच्चों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का काम है।