-सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने की कही बात
-अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी की गई निर्धारित

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: जिला प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह ने बाढ़ की संभावना को देखते हुए विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। जनपद में बाढ़ से संबंधित विभिन्न विभागों द्वारा की गई तैयारियों, नदी के जलस्तर, तटबंधों की स्थिति, बाढ़ चौकियों तथा राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए सभी विभाग तैयारियों के साथ पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहें तथा आपसी समन्वय स्थापित करते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने विशेष रूप से तीनों प्राधिकरणों एवं पुलिस विभाग के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को बाढ़ चौकियों का स्थलीय निरीक्षण करने, वहां आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।

बाढ़ कक्ष 24 घंटे सक्रिय
बैठक में डीएम मेधा रूपम ने प्रभारी मंत्री को बताया कि बाढ़काल में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तटबंधों की आवश्यक मरम्मत, रैटहोल्स एवं गड्ढों आदि की मरम्मत का कार्य भी पूर्ण करा लिया गया है। इसके साथ ही बाढ़ सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों पर स्प्लिट स्टोन, सीमेंट की बोरियां मिट्टी से भरी हुई, बल्ली सहित आवश्यक सामग्री का पर्याप्त स्टॉक कर लिया गया है।
बाढ़ के दौरान सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान एवं जलस्तर की सतत निगरानी के लिए बाढ़ कक्ष ओखला बैराज तथा जनपद गाजियाबाद स्थित सिंचाई निर्माण खंड कार्यालय में बाढ़ कक्ष को 24×7 सक्रिय रखा गया है तथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी भी निर्धारित कर दी गई है। जनपद गौतमबुद्धनगर में सिंचाई विभाग की दो बाढ़ चौकियां याकूतपुर एवं कामनगर में स्थापित हैं। इसके अतिरिक्त जनपद में 17 प्रशासनिक बाढ़ चौकियां भी बनाई गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया एवं समन्वय के लिए 07 ग्रामीण बाढ़ समितियों का गठन किया गया है। प्रभारी मंत्री जी ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में जन-धन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सभी विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें तथा आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल प्रारंभ किया जा सके। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अजीत कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी जेवर दुर्गेश सिंह, उप जिलाधिकारी सदर आशुतोष गुप्ता सहित अन्‍य अधिकारी मौजूद थे।