द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा : वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने निर्माण स्थलों और सड़कों की निगरानी बढ़ाने के साथ सख्ती शुरू कर दी है। निर्माणाधीन साइटों पर मजबूत बैरिकेडिंग के साथ पर्याप्त संख्या में एंटी-स्मॉग गन लगाने और निर्माण सामग्री व भवनों को ग्रीन शीट से ढकना अनिवार्य किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने के साथ एफआईआर और सीलिंग की कार्रवाई भी की जा सकती है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में खराब वायु गुणवत्ता को देखते हुए प्राधिकरण ने परियोजना, उद्यान और स्वास्थ्य विभाग को प्रदूषण नियंत्रण संबंधी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। सड़कों, रोड साइड पटरी, पाथ-वे और सेंट्रल वर्ज पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाएगा। सड़कों की मैकेनिकल स्वीपिंग से सफाई की जाएगी, जबकि सेंट्रल वर्ज और पेड़ों की धुलाई उद्यान विभाग कराएगा। महाप्रबंधक परियोजना एके सिंह ने बताया कि सीएक्यूएम के निर्देशों के अनुसार संबंधित सिविल वर्क सर्किल नियमित रूप से सड़कों और रोड साइड पटरी की धुलाई कराएंगे। इसका उद्देश्य सड़कों पर जमा धूल को उड़ने से रोकना है। निर्माण स्थलों पर निर्माण सामग्री को ढकने के साथ लगातार पानी का छिड़काव कराने के निर्देश दिए गए हैं।

खुले में कचरा जलाने पर होगी कार्रवाई
प्राधिकरण ने खुले में कूड़ा, गार्डन वेस्ट, प्लास्टिक, सूखी घास, पत्ते और लकड़ी जलाने पर भी रोक लगाई है। निगरानी के लिए स्वास्थ्य और उद्यान विभाग की अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। आगजनी की स्थिति में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी।

सीएंडडी वेस्ट पर भी रहेगी नजर
निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) कचरे को मौके से तत्काल उठाकर कलेक्शन सेंटर या सीएंडडी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाना होगा। कचरा ले जाने वाले वाहनों को तिरपाल से पूरी तरह ढकना अनिवार्य होगा। प्राधिकरण क्षेत्र में चल रही निर्माणाधीन परियोजनाओं का सर्वे कर प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।इसके अलावा आरएमसी और हॉट मिक्स प्लांटों का निरीक्षण किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन मिलने पर जुर्माना लगाने के साथ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि प्रदूषण नियंत्रण के निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और इकाई को सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।