द न्यूज गली, नोएडा : गढ़ी चौखंडी में पिता की हत्या करने के बाद मेट्रो ट्रेन के आगे कूदकर जान देने वाले अमृत का निजी जीवन अस्त व्यस्त था। पुलिस की जांच में पता चला है कि अमृत ने बुधवार तड़के सोते समय अपने पिता राजू शर्मा (शिक्षक) की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने खून से सने कपड़े उतारकर दूसरे कपड़े पहने, बैग में सामान रखा और कमरे में ताला लगाकर निकल गया। सुबह करीब छह बजे वह सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन पहुंचा और ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।
अमृत के बैग से पुलिस को राजू का मोबाइल मिला था। इसी मोबाइल के जरिये पुलिस ने उसकी मां रूबी और चाचा अरुण से संपर्क किया। दोनों ने मेट्रो स्टेशन पर शव की पहचान की। पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार को रूबी बेटे का शव लेकर चली गईं। उधर, अरुण अपने भाई राजू की तलाश में जुटे रहे।
गढ़ी चौखंडी में मिला शव
अरुण ने बताया कि भतीजे की मौत की सूचना मिलने के बाद वह राजू को तलाश रहे थे। सबसे पहले वह सेक्टर-73 स्थित कमरे पर पहुंचे, लेकिन वहां राजू नहीं मिले। जानकारी मिली कि वह सेक्टर-121 में रह रहे थे। वहां भी उनका पता नहीं चला। राजू कुछ समय के अंतराल पर कमरा बदल लेते थे और उनके पास मोबाइल भी नहीं था, जिससे तलाश में परेशानी हुई।
इसके बाद अरुण ने पर्थला और गढ़ी चौखंडी चौकी पुलिस से मदद ली। बृहस्पतिवार देर रात उन्हें गढ़ी चौखंडी के तिकोना पार्क स्थित अजनारा समिति की गली नंबर दो में मकान नंबर-11 के ए-5 कमरे के बारे में जानकारी मिली। कमरे से दुर्गंध आने की सूचना पर रात करीब 11 बजे पुलिस और अरुण वहां पहुंचे।
अमृत के बैग से मिली चाबी से कमरा खोला गया तो अंदर राजू का शव खून से लथपथ पड़ा था। पास ही खून लगी कुल्हाड़ी और अमृत के कपड़े पड़े थे। कमरे में राजू की दो तस्वीरें भी शव के पास रखी मिलीं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अरुण की शिकायत पर फेज-3 थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पिता की सख्ती से तनाव में था अमृत
पुलिस और परिजनों की जानकारी के अनुसार, राजू पिछले करीब तीन महीने से गढ़ी चौखंडी में किराये के कमरे में बेटे के साथ रह रहे थे। पत्नी के अलग रहने के बाद वह बेटे को लेकर काफी सख्त थे। परिजनों का कहना है कि अमृत को बाहर आने-जाने और पढ़ाई करने तक की पर्याप्त आजादी नहीं थी। पिता के व्यवहार से वह मानसिक तनाव में था। राजू ट्यूशन पढ़ाने के साथ ऑनलाइन कक्षाएं भी लेते थे। उन्होंने एमकॉम किया था और वर्ष 2005 से नोएडा में रह रहे थे।
पत्नी के अलग रहने को लेकर अलग-अलग दावे
राजू की पत्नी रूबी ने बताया कि वह कोरोना काल से पति से अलग रह रही थीं। वहीं राजू के भाई अरुण का कहना है कि राजू बताते थे कि उनका रूबी से करीब 10-11 वर्ष पहले तलाक हो चुका है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
मूल रूप से बोकारो का रहने वाला था परिवार
अरुण के मुताबिक, उनका परिवार मूल रूप से झारखंड के बोकारो स्टील सिटी का रहने वाला है। उनके पिता सेल से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे। राजू वर्ष 2005 से नोएडा में रह रहे थे। पुलिस को अमृत के बैग से दो मोबाइल फोन मिले हैं। इनमें एक राजू का बताया जा रहा है। दूसरे मोबाइल के संबंध में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। डीसीपी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।



