-छात्रों को सता रहा एक और फर्जीवाडे का डर
-जांच के सवाल पर AKTU वीसी नहीं दे रहे जवाब

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा:जीएल बजाज कॉलेज में हुए एडमीशन फ्रॉड मामले की जांच AKTU कर रहा था। AKTU के वीसी जेपी पांडे ने बयान दिया था कि जांच के लिए रजिस्‍ट्रार के नेतृत्‍व में कमेटी बना दी गई है, लेकिन कमेटी नहीं आई थी। बाद में वीसी ने बयान दिया था कि कागजों के आधार पर कमेटी लखनऊ में ही जांच कर रही है। छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को लगभग 20 दिन हो चुके हैं लेकिन AKTU की जांच बीरबल की खिचड़ी हो गई है जो पूरी नहीं हो रही है। जांच रिपोर्ट पर बयान के लिए AKTU के वीसी से कई बार फोन पर संपर्क का प्रयास किया गया लेकिन उन्‍होंने फोन नहीं उठाया, अर्थात कहीं न कहीं वह बयान देने से बच रहे हैं। जीएल बजाज ने सभी छात्रों को अपने ग्रेटर नोएडा व मथुरा कैंपस में एडमीशन दे दिया है लेकिन छात्रों को एक और फ्रॉड का डर सता रहा है, इस बारे में कई छात्रों से बात हुई। जिसको लेकर छात्र दोबारा प्रदर्शन कर सकते हैं।

यह था मामला
जीएल बजाज कॉलेज ने अपने यहां उपलब्‍ध एमबीए की सीट पर अधिक छात्रों को डायरेक्‍ट एडमीशन दे दिया था। छात्रों से कोर्स के साथ ही हास्‍टल व यूनिफार्म की फीस भी जमा करा ली थी।कॉलेज को उम्मीद नहीं थी कि की काउंसिलिंग से उनके यहां पर छात्रों का अधिक प्रवेश होगा। कॉलेज में उपलब्‍ध सीट के सापेक्ष काउंसलिंग से अधिक छात्रों ने एडमीशन ले लिया था। जिन छात्रों को कॉलेज ने डायरेक्‍ट एडमीशन दिया था बाद में उन्‍हें प्रवेश देने से मना कर दिया। इस कारण छात्र भड़क गए थे। नाराज छात्रों ने कॉलेज के गेट पर जमकर प्रदर्शन किया था। बाद में कॉलेज ने दबाव बना कुछ छात्रों को मथुरा कैंपस और कुछ को ग्रेटर नोएडा कैंपस में एडमीशन दे दिया था। साथ ही कुछ को ग्रेटर नोएडा कैंपस में पीजीडीएम कोर्स में काफी कम फीस में एडमीशन दे दिया था।