-राजस्थान के खुशाल दास विश्वविद्यालय ने दी उपाधि
-राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी रामवीर की कर चुके हैं सराहना
द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा: देशभर में तालाबों और जलस्रोतों के संरक्षण के लिए विशेष पहचान बना चुके गौतमबुद्ध नगर के डाढा गांव निवासी एवं ‘पॉन्डमैन ऑफ इंडिया’ के नाम से प्रसिद्ध पर्यावरणविद् रामवीर तंवर को श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय, हनुमानगढ़, राजस्थान द्वारा पर्यावरण विज्ञान में मानद डॉक्टरेट (Honorary Doctorate) की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें पर्यावरण संरक्षण, विशेष रूप से देशभर में तालाबों के जीर्णोद्धार, जल संरक्षण और समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया। विश्वविद्यालय में आयोजित द्वितीय दीक्षांत समारोह में 384 विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को विभिन्न शैक्षणिक उपाधियां प्रदान की गईं। समारोह की अध्यक्षता राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गर्ग ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय सांगलिया धूणी, सीकर के पीठाधीश्वर स्वामी ओम दास महाराज उपस्थित रहे। ज्ञात हो रामवीर तंवर ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और इसके बाद एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी शुरू की। लेकिन गांवों में लगातार खत्म होते तालाबों, गिरते भूजल स्तर और जलस्रोतों में बढ़ते प्रदूषण ने उन्हें पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। नौकरी छोड़कर तालाबों के संरक्षण को जीवन का उद्देश्य बना लिया। शुरुआत अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों से की और धीरे-धीरे उनका यह अभियान देश के विभिन्न राज्यों तक पहुंच गया। रामवीर तंवर अपनी संस्था ‘से अर्थ’ (Say Earth) के माध्यम से देश के 10 राज्यों में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्य कर चुके हैं। उनके नेतृत्व में अब तक 100 से अधिक तालाबों और जलस्रोतों का जीर्णोद्धार किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त उनकी संस्था शहरी वनों के विकास, पौधरोपण, जैव विविधता संरक्षण, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय है।

प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री भी कर चुके हैं सराहना
रामवीर तंवर के जल संरक्षण के प्रयासों की सराहना देश के सर्वोच्च स्तर पर भी हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में उनके कार्यों का उल्लेख करते हुए उनकी प्रशंसा की थी। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात के दौरान भी उनके प्रयासों को सराहना मिली। भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी जल संरक्षण के क्षेत्र में उनके योगदान की प्रशंसा कर चुके हैं। रामवीर तंवर की प्रेरणादायक यात्रा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। उनके कार्यों और जीवन संघर्ष पर छह देशों के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में लेख प्रकाशित हो चुके हैं। इतना ही नहीं, उनके जीवन परिचय और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों की शिक्षण सामग्री में भी स्थान मिला है, जिससे विद्यार्थी उनके कार्यों से प्रेरणा प्राप्त कर रहे हैं। रामवीर तंवर का मानना है कि तालाब केवल पानी जमा करने के स्थान नहीं हैं, बल्कि वह भूजल पुनर्भरण, जैव विविधता, स्थानीय पारिस्थितिकी और ग्रामीण जीवन के महत्वपूर्ण आधार हैं। इसी सोच के साथ वे देशभर में गांवों, विद्यालयों, विश्वविद्यालयों और विभिन्न संस्थानों में जाकर लोगों को तालाबों के महत्व के बारे में जागरूक करते हैं। वे कॉर्पोरेट संस्थानों के सीएसआर सहयोग, सरकारी विभागों, गैर-सरकारी संगठनों और स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर पुराने और प्रदूषित तालाबों को पुनर्जीवित करने का कार्य कर रहे हैं।
