द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा : ग्रेटर नोएडा में चर्चित बच्चे के मौत प्रकरण में आरोपी ठेकेदार मनोज जैन को जिला अदालत से राहत नहीं मिली है। अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही आरोपी को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।

मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से जमानत का विरोध कर रहे अधिवक्ता शिखर यादव ने अदालत के फैसले का स्वागत किया। उनका कहना है कि यह अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामला है, जिसमें कथित लापरवाही के कारण एक मासूम बच्चे की जान चली गई। उन्होंने दलील दी कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए।

सदमें में है पीड़ित परिवार
अधिवक्ता ने बताया कि इस हादसे के बाद से पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है और न्याय की उम्मीद लगाए हुए है। उनका कहना है कि अदालत का फैसला मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

उल्लेखनीय है कि इस प्रकरण में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों और ठेकेदार की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।

यह है मामला
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र के अंतर्गत कलाधाम सोसाइटी (उद्यम सोसाइटी) के पास 25 जुलाई की शाम को एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहाँ ट्यूबवेल या बोरिंग के लिए खोदे गए लगभग 15 फीट गहरे और पानी से भरे खुले गड्ढे में डूबने से 6 वर्षीय मासूम बच्चे (अभ्यान) की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने ठेकेदार मनोज जैन और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दो सुपरवाइजर को जेल भेजा था।