-किसानों का मुख्यमंत्री आवास पर हुआ स्वागत
-28 महिलाओं सहित 170 किसानों को लेकर एयरपोर्ट से उड़ी पहली फ्लाइट
द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के निर्माण के लिए भूमि देने वाले 170 किसानों को लेकर एयरपोर्ट से पहली फ्लाइट लखनऊ पहुंची। राजधानी पहुंचे किसानों का मुख्यमंत्री आवास पर भव्य स्वागत व सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर किसानों ने अपने विचार व्यक्त किए, मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न प्रदान किया और उनके प्रति आभार भी प्रकट किया। मुख्यमंत्री ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि जेवर अब वह क्षेत्र बन गया है, जहां कुबेर भी आना चाहते हैं। उन्होंने कर्मशियल फ्लाइट प्रारंभ करने के लिए इंडिगो के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब हमारी कैबिनेट ने जेवर में एयरपोर्ट निर्माण के लिए प्रस्ताव पारित किया तो मैंने नोएडा के डीएम समेत अन्य अधिकारियों से कहा कि 100 दिन के भीतर जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई प्रारंभ हो जाए, लेकिन इस अवधि तक कार्रवाई प्रारंभ नहीं हुई। मैंने वहां पहुंचकर समीक्षा बैठक ली तो पता चला कि कोई प्रगति नहीं हुई है। तब मैंने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में लगभग 100 किसानों के साथ बैठक की। मैंने कहा कि एयरपोर्ट बनाना है तो किसानों ने जमीन देने से इंकार कर दिया, असमंजस की स्थिति थी। मैंने कहा कि हम यहां विकास करना चाहते हैं, फिर भी लोगों ने मना कर दिया। मैंने अनुरोध किया कि एक घंटे का समय है, सोचिए। आपने मुझ पर विश्वास किया, धीरेंद्र सिंह ने सहयोग किया। यीडा व उप्र के नागरिक उड्डयन विभाग ने कार्रवाई को युद्धस्तर पर बढ़ाया तो परिणाम यह रहा कि 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहण पर कार्य शुरू हुआ। चार फेज में एयरपोर्ट बनेगा, पहले फेज की कार्रवाई संपन्न हुई।

एतिहासिक दिन
सीएम ने कहा कि भारत में सर्वाधिक संभावनाओं वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने आज से कमर्शियल फ्लाइट प्रारंभ की है। ऐसे में आज का दिन जेवर, गौतमबुद्ध नगर, पश्चिमी उप्र, प्रदेश व देश के एविएशन सेक्टर के लिए ऐतिहासिक है, इसके पीछे प्रेरणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की और योगदान किसानों का है। विधायक धीरेंद्र सिंह ने इस कड़ी को जोड़ा है। सीएम ने कहा कि जेवर अब पुराना जेवर नहीं रहा, इसने इतिहास रच दिया है। जेवर क्षेत्र 9 साल पहले उत्तर प्रदेश की आपराधिक गतिविधियों का केंद्र बन गया था। शाम होते आवागमन बंद हो जाता था। बेटी असुरक्षित थी, नौजवान के सामने भविष्य का संकट और किसानों के लिए कोई सुविधा नहीं थी। किसानों का उत्पीड़न भी किसी से छिपा नहीं था। सड़क, बिजली, स्वास्थ्य सुविधा, स्कूल, रोजगार, गरीबों के लिए कोई पहल नहीं होती थी।

कुबेर आना चाहते हैं जेवर
सीएम ने कहा कि आज बड़ी से बड़ी कंपनियां जेवर आना चाहती हैं। वहां अब कुबेर भी आना चाहते हैं। जेवर एयरपोर्ट भारत का पहला कार्गो व एमआरओ केंद्र बनने जा रहा है। अन्न, फल, मत्स्य, सब्जी आदि पैदा करने वाला उत्तर प्रदेश का किसान यहां कार्गो से अपने उत्पादों को दुनिया में पहुंचाएगा। स्थानीय बाजार में उसे दाम भले कम मिले, लेकिन दुनिया के बाजार में कई गुना दाम मिलेगा। आम का दाम यहां अधिकतम 50 रुपये पहुंचेगा, लेकिन दुनिया के बाजार में 800 से 1000 रुपये किलो बिकता है। 200 रुपये प्रति किलो कार्गो खर्च जोड़ लें, तब भी किसान को 600 रुपये का लाभ मिलेगा। जिस किसान को यहां 10 रुपये प्रति किलो का लाभ नहीं मिल पा रहा, उसे 600 रुपये का लाभ मिलेगा तो वह समृद्ध बनेगा। सीएम ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग यूनिट, सेमीकंडक्टर यूनिट, डेटा सेंटर, फिल्म सिटी, ट्वाय पार्क, अपरैल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स की विश्व स्तरीय सिटी भी जेवर क्षेत्र में स्थापित होगी। विश्व रैंकिंग वाले दुनिया के पांच बड़े प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय यहां कैंपस स्थापित करने आ रहे हैं। इस दौरान वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह, अपर मुख्य सचिव (वित्त/नागरिक उड्ड्यन) दीपक कुमार, इंडिगो के स्पेशल डायरेक्टर आरके सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, यीडा के सीईओ आरके सिंह आदि लोग मौजूद थे।
Greater Noida: एयरपोर्ट बनने पर किसान की बेटी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जताया आभार @myogiadityanath @UPGovt @Yamunaresidents pic.twitter.com/zdxPdpOCfi
— The News गली (@The_News_Gali) June 15, 2026
