-उद्यमियों ने UPSIDA के CEO बलकार सिंह को भी गिनाई समस्याएं
-प्राधिकरणों की प्रक्रियाओं को सरल एवं समयबद्ध करने की मांग
द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा: इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन (IEA) के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष संजीव शर्मा के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव MSME आलोक कुमार एवं UPSIDA के मुख्य कार्यपालक अधिकारी बलकार सिंह से मुलाकात की। उद्यमियों ने दोनों अधिकारियों को प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों, विशेषकर गौतमबुद्ध नगर, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों की प्रमुख समस्याओं से अवगत कराया। औद्योगिक विकास के लिए भूखंड आवंटन की प्रक्रिया को MSME के अनुकूल बनाने के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं और प्राधिकरणों की प्रक्रियाओं को सरल एवं समयबद्ध करने की मांग की। दोनों अधिकारियों ने उद्यमियों की समसयाओं को प्रमुखता से सुना और उन्हें हल कराने का आश्वासन दिया।

उद्यमियों की मांग
IEA के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि दोनों अधिकारियों को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया है। मांग की गई है कि 2,000 वर्गमीटर तक के औद्योगिक भूखंडों का आवंटन ई-ऑक्शन के बजाय Draw/लॉटरी से किया जाए, पांच वर्ष से अधिक समय से किराये पर चल रही इकाइयों को प्राथमिकता दी जाए। GNIDA क्षेत्र में उद्यमियों को बिना जल कनेक्शन के भेजे जा रहे है ऐसे जल बिलों का विशेष कैंप लगाकर तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए। MSME के लिए LT विद्युत कनेक्शन की सीमा 50 KW से बढ़ाकर 100 KW की जाए। YEIDA में Functional Certificate के लिए 50 प्रतिशत RCC निर्माण की शर्त को उद्योग की प्रकृति के अनुसार व्यावहारिक बनाया जाए। यमुना औद्योगिक क्षेत्र में सड़क, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी, बिजली एवं परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाएं शीघ्र विकसित की जाएं और इकाइयों की कार्यशीलता की अवधि बढ़ाई जाए जिससे उधमियों पर आर्थिक दंड न पड़े। प्रत्येक औद्योगिक सेक्टर में आवश्यकता के अनुसार Fire Station स्थापित किए जाएं जिससे कि आग जैसी घटनाओं पर तुरंत काबू पाया जा सके। गौतमबुद्ध नगर में Export Promotion Centre स्थापित किया जाए ताकि निर्यात को बढ़ाया जा सके। पूर्ण भुगतान के बाद रजिस्ट्री के आवश्यक दस्तावेज तत्काल उपलब्ध कराए जाएं। सभी UPSIDA औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित Water Supply एवं Sewer Line सुनिश्चित की जाए। IEA के प्रतिनिधि मंडल में पीके तिवारी, एमपी शुक्ला, विवेक चौहान, लक्ष्मण प्रसाद व महिपाल सिंह चौहान थे।
