-पीडित ने न्‍यायालय में दायर की थी याचिका
-अस्‍पताल पर हुई कार्रवाई से न्‍यायालय को अवगत कराने का आदेश

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता धीरेंद्र भाटी की पत्‍नी के पेट में पथरी का गलत उपचार करने के मामले में न्‍यायालय ने यथार्थ अस्‍पताल को दोषी माना है। गलत उपचार के कारण मरीज की जान पर बन गई थी। बाद में धीरेंद्र भाटी ने पत्‍नी का उपचार दूसरे अस्‍पताल में कराया था। न्‍यायालय ने बीटा दो कोतवाली पुलिस को आदेश दिया है कि मामले में संलिप्‍त व्‍यक्तियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना कराएं व की गई कार्रवाई से न्‍यायालय को एक सप्‍ताह में अवगत कराएं। आदेश अपर मुख्‍य न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट प्रथम मयंक त्रिपाठी के द्वारा दिया गया।

यह था मामला
धीरेंद्र भाटी की पत्‍नी राखी के पेट में दर्द रहता था। उन्‍होंने यथार्थ अस्‍पताल ग्रेटर नोएडा में जांच कराई थी। जांच के बाद डाक्‍टर हमीदी ने उन्‍हें बताया था कि पेट में दो पथरी है। डाक्‍टर ने 31 मई 2025 को ऑपरेशन किया था। ऑपरेशन के बाद सिर्फ एक पथरी ही निकाली, दूसरी छोड़ दी थी। ऑपरेशन के बाद भी मरीज का दर्द कम नहीं हो रहा था। बाद में डाक्‍टर ने पेन किलर देकर मरीज को डिस्‍चार्ज कर दिया था। धीरेंद्र भाटी ने बाद में मैक्‍स अस्‍पताल में पत्‍नी का उपचार कराया। जहां पर डाक्‍टरों ने बताया कि पेट में पथरी है। धीरेंद्र ने मामले की शिकायत डीएम से की थी। साथ ही न्‍यायालय में भी याचिका दायर की थी।