-गांव से दूर जंगल में बारात घर बनाने का आरोप
-मांगों के समर्थन में प्राधिकरण में सौंपा ज्ञापन

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सेक्‍टरों के साथ ही गांवों में भी बारात घर बनाए हैं, आलम यह है कि कई गांव में बने बारात घर खंडहर में तब्‍दील होते जा रहे हैं। विभिन्न गांवों में बनाए गए बारात घरों की बदहाल स्थिति पर करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय कहना है कि लगभग दो दशक पूर्व प्राधिकरण ने ग्रामीण क्षेत्रों में बारात घरों का निर्माण तो कराया, लेकिन स्थान चयन, डिजाइन और स्थानीय ग्रामीणों से समन्वय के अभाव में अधिकांश बारात घर आज तक अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर सके। इस संबंध में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक रवि एन जी को संबोधित पत्र ओएसडी गिरीश झा को सौंपा।

बारात घर में नहीं हुआ विवाह
करप्शन फ्री इंडिया संगठन के अनुसार अनेक गांवों में बने बारात घर नियमित उपयोग न होने के कारण जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। इसका एक प्रमुख उदाहरण ग्रेटर नोएडा के अंतर्गत आने वाला अटाई गांव है, जहां बारात घर गांव से काफी दूर जंगल क्षेत्र में बनाया गया। ग्रामीणों के अनुसार इस बारात घर में आज तक एक भी विवाह या अन्य सामाजिक कार्यक्रम आयोजित नहीं हुआ। इसी प्रकार कई अन्य गांवों में भी बारात घर उपयोग के अभाव में बदहाल स्थिति में पड़े हैं। ब्रह्मपाल कपासिया का कहना है कि यदि निर्माण से पहले ग्रामीणों की राय ली जाती और आवश्यकता के अनुरूप स्थान व डिजाइन का चयन किया जाता, तो आज ये बारात घर ग्रामीणों के लिए उपयोगी साबित होते। वर्तमान स्थिति यह दर्शाती है कि जनता के टैक्स के धन का अपेक्षित लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पाया है। ज्ञापन के माध्‍यम से संगठन ने मांग की है कि सभी गांवों में बने बारात घरों का व्यापक सर्वे कराया जाए, उनकी उपयोगिता की समीक्षा की जाए तथा जहां आवश्यकता हो वहां स्थान, संरचना एवं सुविधाओं में आवश्यक सुधार कराए जाएं। साथ ही नियमित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण अपने पुत्र-पुत्रियों के विवाह, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित अन्य शुभ आयोजनों के लिए इन बारात घरों का सुचारु रूप से उपयोग कर सकें।