द न्‍यूज गली,ग्रेटर नोएडा: आईटीएस डेंटल कॉलेज, ग्रेटर नोएडा में चार दिवसीय आर्ट ऑफ लिविंग ऑफलाइन कोर्स का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जीवन में बढ़ते तनाव, कार्यभार एवं मानसिक दबाव को कम करने हेतु कर्मचारियों को “शांत, सकारात्मक एवं संतुलित जीवनशैली के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर मुख्य प्रशिक्षक अनमोल एवं अनामिका ने प्रतिभागियों को सरल ध्यान तकनीकों के माध्यम से मन को शांत रखने, एकाग्रता बढ़ाने तथा वर्तमान क्षण पर ध्यान करने का अभ्यास कराया। साथ ही सुदर्शन क्रिया, जिसमें उज्जायी प्राणायाम और भस्त्रिका प्राणायाम शामिल हैं, का भी अभ्यास कराया गया। बताया कि नियमित ध्यान एवं नियंत्रित श्वास का अभ्यास व्यक्ति को अपने विचारों और भावनाओं के प्रति अधिक सजग बनाने में सहायक हो सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों को गहरी एवं नियंत्रित श्वास लेने की विभिन्न तकनीकों का अभ्यास कराया तथा बताया कि कुछ मिनटों का नियमित ध्यान भी दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक हो सकता है।

मानसिक शांति जरूरी
संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. ओमकार के. शेट्ठी ने कहा कि कामकाज की जिम्मेदारियां निरंतर बढ़ रही हैं। ऐसे में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक शांति एवं भावनात्मक संतुलन भी अत्यंत आवश्यक है। डॉ. शेट्ठी ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित यह ध्यान एवं मेडिटेशन सत्र कर्मचारियों का तनाव कम करने, मन को शांत रखने और कार्यस्थल पर सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने की दिशा में उपयोगी पहल है। आईटीएस ग्रुप के उपाध्यक्ष सोहिल चड्ढा ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग का उद्देश्य कर्मचारियों को तनावमुक्त एवं संतुलित जीवन जीने की कला सिखाना है। ध्यान, योग एवं सकारात्मक सोच के माध्यम से व्यक्ति अपने मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है। उन्होंने कहा कि संस्थान में इस प्रकार के कार्यक्रम कर्मचारियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी हैं और भविष्य में भी इस प्रकार के वेलनेस एवं मेडिटेशन कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।