द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा : दादरी कोतवाली क्षेत्र के बोड़ाकी गांव के पास करीब आठ साल पहले हत्या के मामले में गवाह और उसके रिश्तेदार पर जानलेवा हमला करने के आरोप में दर्ज मुकदमे में अदालत ने चारों आरोपियों को बरी कर दिया है। वहीं, मामले की विवेचना में लापरवाही और अन्य अनियमितताओं के पहलुओं को देखते हुए अदालत ने जांच से जुड़े पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच कराने के लिए पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखा है।मामले के अनुसार, बोड़ाकी गांव के पास हत्या के एक मामले में गवाह कमल भाटी और उसके रिश्तेदार संदीप नागर पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। कमल भाटी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मनोज नंगला (मृत), उमेश पंडित, योगेश डाबरा और जोगेंद्र शुक्ला को आरोपी बनाया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर चारों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। साथ ही केस की विवेचना करने वाले पांच पुलिसकर्मियों की भूमिका की विभागीय जांच कराने के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजा है।

कमल के सगे भाई की हुई थी हत्या
कमल भाटी के सगे भाई चमन भाटी की वर्ष 2013 में दादरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत 13 गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसी मामले में रणदीप भाटी गैंग के योगेश डाबरा, उमेश पंडित सहित कई अन्य आरोपी सजा काट रहे हैं। चमन की हत्या के मामले में उसका भाई कमल भाटी गवाह है।