-करार से संयुक्त शोध और वैज्ञानिक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा: यूरोप में अंतरराष्ट्रीय पहुंच को और आगे बढ़ाते हुए गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने इटली की University of Milano-Bicocca के साथ पांच साल के सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य अकादमिक आदान-प्रदान, संयुक्त शोध और वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देना है। यह साझेदारी विश्वविद्यालय के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को मजबूत करती है और छात्रों तथा फैकल्टी के लिए यूरोपीय अकादमिक समुदाय से अधिक निकटता से जुड़ने का ढांचा तैयार करती है। प्रोफेसर ज्यूसेप्पे गोरिनी (Giuseppe Gorini) और डॉ. ध्रुव गलगोटिया University of Milano-Bicocca और गलगोटियास यूनिवर्सिटी के बीच अकादमिक और शोध सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए पांच साल के समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौते पर University of Milano-Bicocca के इंटरनेशनल डेवलपमेंट एंड एकेडमिक कोऑपरेशन के वाइस रेक्टर प्रोफेसर ज्यूसेप्पे गोरिनी और गलगोटियास यूनिवर्सिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने हस्ताक्षर किए।समझौते के तहत दोनों विश्वविद्यालय अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट, डॉक्टोरल और पोस्ट-डॉक्टोरल छात्रों के साथ-साथ फैकल्टी सदस्यों, शोधकर्ताओं, विजिटिंग स्कॉलर्स और स्टाफ के आदान-प्रदान पर काम करेंगे। सहयोग के क्षेत्रों में संयुक्त शोध परियोजनाएं, वैज्ञानिक प्रकाशन, कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप, समर स्कूल और ट्रेनिंग प्रोग्राम शामिल हैं। इस ढांचे में दोनों संस्थानों के नियमों के अनुसार अंडरग्रेजुएट, मास्टर्स और डॉक्टोरल थीसिस के पर्यवेक्षण तथा सह-पर्यवेक्षण का भी प्रावधान है।

छात्रों को मिलेगा फायदा
गलगोटियास यूनिवर्सिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा कि हमारे लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों की दिशा इस बात से तय होती है कि वह हमारे छात्रों और फैकल्टी के लिए क्या संभव बना सकती हैं। यानी अलग-अलग अकादमिक नजरियों तक पहुंच, साझा शोध चुनौतियों पर काम करने के मौके और ग्लोबल नागरिक के रूप में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास। University of Milano-Bicocca के साथ हमारा समझौता यूरोप के साथ हमारे जुड़ाव को मजबूत करता है और शिक्षण तथा शोध में गहरे सहयोग की नींव तैयार करता है। एशिया और यूरोप में अपने संबंध बढ़ाते हुए हमारा ध्यान इन जुड़ावों को ठोस सीखने के अनुभवों और संयुक्त अकादमिक कार्य में बदलने पर है।”इटली की यह साझेदारी कई अंतरराष्ट्रीय जुड़ावों की कड़ी में सामने आई है। करार के तहत दोनों विश्वविद्यालयों के नामित प्रतिनिधि मिलकर सालाना एक्शन प्लान तैयार करेंगे और समय-समय पर उसकी समीक्षा करेंगे, फंडिंग के मौकों की पहचान करेंगे और प्रगति पर नजर रखेंगे।समझौते के तहत होने वाले आदान-प्रदान में भाग लेने वाले छात्रों को मेजबान यूनिवर्सिटी में एनरोलमेंट और ट्यूशन फीस से छूट मिलेगी। जबकि वह अपने मूल संस्थान की प्रशासनिक जरूरतों को पूरा करते रहेंगे। विजिटिंग छात्रों, शोधकर्ताओं और स्टाफ को भी संस्थागत नियमों और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार अकादमिक और शोध सुविधाओं तक उचित पहुंच दी जाएगी।