द न्यूज गली, नोएडा : विदेश भेजने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का थाना फेस-1 पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सेक्टर-2 स्थित सी-7 से तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। आरोपितों के कब्जे से सात मोबाइल फोन, एक थार कार और पांच ग्राहकों के पासपोर्ट बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-2 में एजुकेशन कंसल्टेंसी कंपनी के जरिए लोगों को विदेश भेजने का काम किया जाता था। कंपनी के संपर्क में गूगल के माध्यम से अरमान और क्रिस्टन जेनिफर नाम के लोग आए। दोनों ने कनाडा का वर्क वीजा दिलाने का प्रस्ताव दिया। इसके बाद कंसल्टेंसी की ओर से पांच ग्राहकों का विवरण और पासपोर्ट उपलब्ध कराया गया।
बायोमेट्रिक और मेडिकल के नाम पर ली गई रकम
आरोप है कि क्रिस्टन जेनिफर और उसके साथियों ने प्रत्येक ग्राहक से पेपर वर्क, बायोमेट्रिक्स और मेडिकल के नाम पर 25-25 हजार रुपये लिए। इसके बाद जल्द ही टेंपरेरी रेजिडेंस वीजा बनवाकर कनाडा भेजने का भरोसा दिया गया। वीजा प्रक्रिया शुरू करने के बाद आरोपितों ने प्रत्येक ग्राहक से अतिरिक्त 12.50 लाख रुपये की मांग की।
विदेशी महिला बनकर करती थी बातचीत
जांच में पुलिस को पता चला कि क्रिस्टन जेनिफर का असली नाम पूजा महाजन है, जबकि अरमान का वास्तविक नाम संदीप सिंह है। पुलिस के अनुसार, संदीप सिंह ‘माई सेकेंड लाइन’ एप के जरिये कनाडा का वर्चुअल फोन नंबर प्रदर्शित करता था। वह नोएडा की कंसल्टेंसी कंपनियों से संपर्क कर खुद को कनाडा में रहने वाला बताकर बातचीत करता था। उसके मोबाइल से यह एप भी बरामद हुआ है। पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर कार्रवाई करते हुए राहुल कुमार चौहान, संदीप सिंह और पूजा महाजन को गिरफ्तार किया।
ये हुए गिरफ्तार
राहुल कुमार चौहान (31) निवासी मोहन गार्डन, उत्तम नगर, दिल्ली, संदीप सिंह (44) निवासी होशियारपुर मोरावली, थाना गढ़शंकर, पंजाब और पूजा महाजन (43) निवासी सेक्टर-125, एसएएस नगर, खरड़, मोहाली, पंजाब को गिरफ्तार किया गया है।
