-डीएम से मिलकर अभिभावकों ने जताई नाराजगी
-डीएम ने मंडलायुक्त से अभिभावकों की मुलाकात का दिया आश्वासन
द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा: गर्मी बढ़ने के साथ ही डीएम के आदेश पर स्कूलों के समय में बदलाव कर दिया गया है। डीएम मेधा रूपम से मिलकर अभिभावकों ने इस पर नाराजगी जताई है। अभिभावकों का कहना है कि गर्मी, ठंडी, बारिश, कोहरा व प्रदूषण के दौरान प्रशासन के आदेश पर कई दिन तक स्कूल बंद रहते हैं। स्कूल बंद होने के कारण कोर्स समय पर पूरा नहीं हो पाता है। बाद में स्कूल प्रबंधन जल्दी-जल्दी पढ़ाई करा कर अभिभावक व छात्रों पर दबाव बनाते हैं। ऐसे में छात्रों पर अधिक मानसिक दबाव पड़ता है। अभिभावकों ने डीएम मेधा रूपम से मांग की है कि स्कूलों के समय में कटौती न की जाए।
यह है पीड़ा
अभिभावकों ने डीएम को बताया कि जिले में काफी निजी स्कूल हैं, पूरे साल की पढाई के नाम पर 5-6 लाख ट्यूशन फीस ले रहे। उन सभी स्कूलों का पूरा परिसर सेंट्रलाइज्ड एसी है, स्कूल की, सभी ट्रांसपोर्ट बस भी एसी है। इन निजी स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चर इतना सुदृढ़ है कि बच्चे सुरक्षित रूप से पूरा दिन बिता सकते हैं। बच्चे ट्रांसपोर्ट बस से सीधे स्कूल और स्कूल से सीधे घर जाते हैं। ऐसे में शासन प्रशासन की तरफ से सभी स्कूलों को अचानक से बंद कर देना या समय परिवर्तन कर देना कहीं से भी ठीक नहीं है। इसके अतिरिक्त, नोएडा में अधिकांश परिवारों में दोनों अभिभावक कार्यरत हैं। स्कूलों में तो छुट्टी हो जाती है, लेकिन निजी कार्यालयों में छुट्टी का कोई स्कोप नहीं होता। जिसकी वजह से अचानक से स्कूल बंद होने की स्थिति में उन्हें बहुत अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। डीएम ने अभिभावकों की बातें ध्यानपूर्वक सुनी और चिंताओं को समझा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अचानक से स्कूलों को बंद करने जैसे निर्णय मंडलायुक्त (डिविजनल कमिश्नर) कार्यालय से निर्गत होते हैं, जिन्हे जिले में अनुपालन कराया जाता है और उनके स्तर से हस्तक्षेप सीमित है। डीएम ने अभिभावकों को आश्वासन दिया कि वह मेरठ में मंडलायुक्त से अभिभावकों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कराने में सहयोग करेंगी, ताकि अभिभावकों की बात उचित मंच पर पहुँच सके।



