द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा:नॉलेज पार्क स्थित नोएडा इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी ग्रेटर नोएडा के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के द्वारा दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। कांफ्रेंस में देश विदेश से प्रोफेसर्स, इंडस्ट्री डेलीगेट्स और शोधार्थियों ने भाग लिया। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्रालय के नेशनल रिवर कांजेर्वेशन निदेशालय की निदेशिका डॉ सबिता माधवी सिंह मुख्य अतिथि तथा आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर एवं हेड डॉ सोमनाथ चट्टोपाध्याय सम्माननीय अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। कांफ्रेंस में 4 ट्रैक्स के अंतर्गत 107 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। एनआईईटी ग्रेटर नोएडा के निदेशक डॉ विनोद एम कापसे ने अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के आयोजन के महत्व के विषय में चर्चा की एवं आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जल शक्ति मंत्रालय के नेशनल रिवर कांजेर्वेशन निदेशालय की निदेशिका डॉ सबिता माधवी सिंह ने देश के सामने उपस्थित चुनौतियों के स्थायी एवं घरेलू समाधान विकसित करने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए युवाओं से इन्नोनेशन तथा क्रिएटिविटी के साथ देश के विकास के लिए पूर्ण मनोयोग से अपना सहयोग देने की अपील की।
गुरू शिष्य परंपरा पर चर्चा
डॉ सोमनाथ चट्टोपाध्याय ने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा के विषय में सारगर्भित तथ्यों को प्रस्तुत करते हुए तथा भारत की गुरु शिष्य परम्परा के उत्कृष्ट उदाहरणों के साथ सभी श्रोताओं एवं प्रतिभागियों के साथ भविष्य के सक्षम एवं सशक्त राष्ट्र निर्माण के संबंध में अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के सम्माननीय अतिथि डॉ प्रवीण पचौरी ने ज्ञानार्जन के साथ अर्जित ज्ञान का सदुपयोग करने पर बल दिया। मुख्य अतिथि डॉ प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि हम सभी के सामने चुनौतियाँ एवं समस्याएँ आती ही हैं। ऐसे में हमें अपने बड़ों और गुरुजनों के माध्यम से उनके समाधान के लिए सदैव प्रयासरत रहना चाहिए। वैलेडिक्टरी समारोह में कांफ्रेंस कन्वीनर डॉ अभिषेक प्रताप सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।इस अवसर पर कांफ्रेंस कन्वीनर डॉ अभिषेक प्रताप सिंह ,अनंत प्रकाश अग्रवाल, कांफ्रेंस सेक्रेटरी डॉ राजीव कुमार, डॉ शहजाद अली, प्रो संजय कुमार, शिक्षकगण, शोधार्थी तथा विद्यार्थीगण आदि लोग उपस्थित थे।

