-शिक्षा, उद्योग, संस्कृति के अनूठे संगम से रूबरू हुए छात्र
-छात्रों को मिली वैश्विक व्यापारिक प्रक्रियाओं की जानकारी

द न्‍यूज गली,ग्रेटर नोएडा: जीएनआईओटी प्रबंधन अध्ययन संस्थान के पीजीडीएम बैच 2025-27 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित अंतरराष्ट्रीय अनुभव कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और यादगार अनुभव साबित हुआ । मलेशिया में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक वातावरण, औद्योगिक गतिविधियों, वैश्विक व्यापारिक प्रक्रियाओं, सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय जीवनशैली को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर प्राप्त हुआ।अंतरराष्ट्रीय यात्रा में 516 से अधिक विद्यार्थी, शिक्षक एवं संस्थान के कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय एवं कक्षा आधारित शिक्षा से आगे ले जाकर वास्तविक अंतरराष्ट्रीय वातावरण में सीखने, समझने और अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान करना था। जीआईएमएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री स्वदेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने, विभिन्न संस्कृतियों को समझने तथा अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक वातावरण से परिचित होने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।

शैक्षणिक सत्र में लिया हिस्‍सा
अंतरराष्ट्रीय अनुभव कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी सेंस मलेशिया एवं यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, कुआलालंपुर का भ्रमण किया।
यहां विद्यार्थियों ने दो विशेष शैक्षणिक सत्रों में भाग लिया। इन सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा व्यवस्था, वैश्विक व्यापारिक वातावरण, आधुनिक प्रबंधन पद्धतियों तथा विभिन्न देशों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।शैक्षणिक गतिविधियों ने विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर दिया कि वास्तविक शिक्षा केवल कक्षा और पुस्तकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि विभिन्न देशों, संस्कृतियों, विचारों, संवादों और अनुभवों से भी निरंतर विकसित होती है।शैक्षणिक गतिविधियों के अंत में मलेशिया के दोनों संस्थानों द्वारा समस्त विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।इस दौरान जीआईएमएस संस्थान के शिक्षकों द्वारा भी उपरोक्त दोनों विश्वविद्यालयों के छात्रों को आधुनिक प्रबंधन विषयों पर व्याख्यान दिया गया।स्वदेश कुमार सिंह ने कहा कि यह महत्वपूर्ण पहलवर्तमान वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में प्रबंधन शिक्षा को केवल कक्षा तक सीमित नहीं रखा जा सकता। विद्यार्थियों को वास्तविक उद्योग, अंतरराष्ट्रीय बाजार, विभिन्न संस्कृतियों और वैश्विक कार्य वातावरण का प्रत्यक्ष अनुभव देना समय की आवश्यकता है।