द न्‍यूज गली, ग्रेटर नोएडा:एमिटी कृषि प्रसार सेवा केंद्र, एमिटी विश्वविद्यालय नोएडा द्वारा भारतीय गेहूँ और जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल के सहयोग से गौतम बुद्ध नगर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। किसानों के खेत पर जैव-संवर्धित एवं जलवायु अनुकूल गेहूँ की पोषणयुक्त प्रजातियों डीबीडब्ल्यू 371 व 222 की जानकारी दी गई। कार्यक्रम डॉ नीतू सिंह, प्रभारी एमिटी कृषि प्रसार सेवा केन्द्र के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन गांव कोट व नंगला चमरू में किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के इस दौर में ऐसी फसल किस्मों की आवश्यकता है, जो न केवल अधिक उत्पादन दें बल्कि पोषण सुरक्षा भी सुनिश्चित करें। बायोफोर्टिफाइड एवं जलवायु अनुकूल गेहूँ की उन्नत किस्में इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन किस्मों में जिंक, आयरन एवं  प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों की अधिक मात्रा पाई जाती है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि यह किस्में सूखा, तापमान में उतार-चढ़ाव जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों को सहन करने में सक्षम हैं तथा इन प्रजातियों में रोगों का प्रकोप भी नगण्य होता है, जिससे किसानों को स्थिर एवं बेहतर उत्पादन प्राप्त होता है। इस अवसर पर ACAES की टीम ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को नवाचार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर किसान ऋषिपाल, सोनू, अंकित, नरेश, सुभाष, हेमराज, चंदर, इन्द्रपाल, संत राज आदि उपस्थित रहे।