द न्यूज गली, नोएडा : थाना साइबर क्राइम पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर हुई 2.10 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी साइबर अपराधियों को अपना बैंक खाता उपलब्ध कराकर ठगी की रकम के लेन-देन में मदद कर रहा था। पुलिस ने आरोपी को हरियाणा के चरखी दादरी से गिरफ्तार किया है।
अधिकारी बता कर दिया था ठगी की घटना को अंजाम
पुलिस के अनुसार, 10 अप्रैल को साइबर अपराधियों ने खुद को एनआईए पुणे का अधिकारी बताकर एक व्यक्ति को फोन किया। आरोपियों ने पीड़ित को बताया कि उसके आधार कार्ड से संचालित बैंक खाते आतंकवादी फंडिंग में इस्तेमाल हो रहे हैं। इसके बाद उसे गिरफ्तारी का डर दिखाया गया।
आरोपियों ने व्हाट्सएप के माध्यम से आरबीआई के नाम से फर्जी पत्र और वारंट भेजकर पीड़ित को झांसे में लिया और उससे 2.10 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए। मामले में थाना साइबर क्राइम में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस इससे पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
थाना साइबर क्राइम पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और बैंक खातों की जांच के आधार पर हरियाणा निवासी अमन कुमार (26) पुत्र संजय कुमार को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी के बैंक खाते में ठगी से जुड़े 2.20 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे।
पुलिस के मुताबिक आरोपी का बैंक खाता साइबर अपराधियों द्वारा म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों के खातों से जुड़े मामले उत्तर प्रदेश, केरल, राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में दर्ज हैं।
