-लापरवाही बरतने पर 203 एजेंसी को जारी हुआ था नोटिस
-लाइसेंस निरस्त होने के बाद एजेंसी संचालकों में मची खलबली
द न्यूज गली, ग्रेटर नोएडा: नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन के बाद श्रम विभाग हरकत में आया था। विभाग के द्वारा की गई जांच में सामने आया था कि एजेंसी संचालकों के द्वारा श्रम कानूनों का पालन नहीं किया जा रहा था। मामले में श्रम विभाग ने 203 एजेंसी संचालकों को नोटिस जारी किया था। निर्देश दिया गया था कि संचालकों के द्वारा नोटिस का जवाब दिया जाए। 178 एजेंसी संचालकों ने नोटिस का जवाब दिया लेकिन 25 ने कोई जवाब देना मुनासिब नहीं समझा। ऐसे एजेंसी संचालकों के खिलाफ कड़ा निर्णय लेते हुए श्रम विभाग ने उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया। विभाग के द्वारा लाइसेंस निरस्त होने के बाद एजेंसी संचालकों में खलबली मची हुई है।
इन विभागों को भेजी सूची
अपर श्रमायुक्त गौतमबुद्धनगर राकेश द्विवेदी ने बताया कि जिले में औद्योगिक शांति बनाए रखने तथा श्रमिकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से श्रम विभाग द्वारा सतत निरीक्षण एवं प्रवर्तन की कार्यवाही की जा रही है। विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत संविदाकारों द्वारा श्रम कानूनों के अनुपालन में पाई गई अनियमितताओं के दृष्टिगत कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। जिन संविदाकारों द्वारा जारी नोटिस का कोई उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया, ऐसे कुल 25 संविदाकारों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। संबंधित संविदाकारों की सूची कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESI) एवं कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (PF) को भी प्रेषित की गई है, ताकि वे अपने-अपने अधिनियमों के अंतर्गत अनुपालन की जांच कर आवश्यक विधिक कार्यवाही सुनिश्चित कर सकें। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में शांति बनाए रखने, श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त संविदाकारों के विरुद्ध आगे भी निरंतर सख्त कार्यवाई होगी।
